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लेख 2 अक्टूबर 2026

एशेज 2026 शेड्यूल: जो कोई नहीं बताता

एशेज 2025-26 की पाँच टेस्ट वाली सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया में 21 नवंबर 2025 को पर्थ स्टेडियम से शुरू होकर 8 जनवरी 2026 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खत्म हुई, इसलिए 'एशेज 2026' खोजने वाले ज़्यादातर लोग असल में...

एशेज 2026 शेड्यूल: जो कोई नहीं बताता

एशेज 2026 शेड्यूल: जो कोई नहीं बताता

एशेज 2025-26 की पाँच टेस्ट वाली सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया में 21 नवंबर 2025 को पर्थ स्टेडियम से शुरू होकर 8 जनवरी 2026 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खत्म हुई, इसलिए 'एशेज 2026' खोजने वाले ज़्यादातर लोग असल में इसी सीज़न का कार्यक्रम ढूँढ रहे होते हैं। क्रम यह था: पर्थ (21–25 नवंबर), ब्रिस्बेन का गाबा (4–8 दिसंबर, दिन-रात टेस्ट), एडिलेड ओवल (17–21 दिसंबर), मेलबर्न का MCG (26–30 दिसंबर) और सिडनी का SCG (4–8 जनवरी)। कुल 49 दिनों में 25 निर्धारित दिन का खेल था, लेकिन टेस्टों के बीच का अंतर बराबर नहीं था: शुरुआती दो अंतराल 8 दिन के और आख़िरी दो सिर्फ़ 4 दिन के। यही असमानता गेंदबाज़ों की थकान और टीम चयन को तय करती है। अगली एशेज इंग्लैंड में होनी है, इसलिए तारीख़ें कहीं भी पढ़ें, पर अंतिम पुष्टि हमेशा आधिकारिक ECB और Cricket Australia की साइट से कर लें।

aerial view of Perth Stadium at golden hour with fans streaming in before the opening Ashes Test

सम्माननीय पाठक, आपका समय क़ीमती है, इसलिए पूरी सीरीज़ का नक्शा और उसके पीछे का गणित नीचे एक ही जगह रख दिया है।

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एशेज की कहानी एक मज़ाकिया शोक-संदेश से शुरू हुई थी। 1882 में ओवल पर इंग्लैंड की हार के बाद अख़बार Sporting Times ने लिखा था कि "अंग्रेज़ी क्रिकेट की स्नेहपूर्ण स्मृति में, जिसका 29 अगस्त 1882 को ओवल में निधन हो गया... शव का दाह-संस्कार होगा और राख ऑस्ट्रेलिया ले जाई जाएगी।" इसका ब्योरा Wikipedia की The Ashes प्रविष्टि में मिलता है। 140 से ज़्यादा साल बाद भी हर शेड्यूल उसी राख की जंग का कार्यक्रम है। मैंने बरसों इस खेल को देखा है और काफ़ी पैसा गँवाकर सीखा है कि तारीख़ों की सूची सबसे सस्ती जानकारी है। असली क़ीमत इस सवाल में है कि तारीख़ें खिलाड़ियों के शरीर और मैच की दिशा के साथ क्या करती हैं। [Internal Link: एशेज का इतिहास और रोचक किस्से]

क्या एशेज 2026 शेड्यूल सच में संतुलित है?

नहीं। कुल अवधि 49 दिन की है और हर टेस्ट पाँच दिन का, लेकिन आराम के दिन बराबर नहीं बँटे। पहले दो अंतराल 8-8 दिन के हैं और आख़िरी दो सिर्फ़ 4-4 दिन के। यानी सीरीज़ जितनी आगे बढ़ती है, तेज़ गेंदबाज़ों को उबरने का समय उतना घटता जाता है।

ध्यान से सुनिए, असली बात यही है। ज़्यादातर पोर्टल सिर्फ़ तारीख़ों की तालिका छापकर रुक जाते हैं, जबकि हर टेस्ट के समाप्त होने और अगले के शुरू होने के बीच के दिन गिनने पर तस्वीर बदल जाती है। नीचे आधिकारिक कार्यक्रम है और उसके बाद मेरी गिनती।

टेस्ट मैदान तारीख़ें
पहला पर्थ स्टेडियम, पर्थ 21–25 नवंबर 2025
दूसरा (दिन-रात) द गाबा, ब्रिस्बेन 4–8 दिसंबर 2025
तीसरा एडिलेड ओवल, एडिलेड 17–21 दिसंबर 2025
चौथा MCG, मेलबर्न 26–30 दिसंबर 2025
पाँचवाँ SCG, सिडनी 4–8 जनवरी 2026

आराम के दिनों की गिनती इस तरह बनती है:

  1. पर्थ के बाद ब्रिस्बेन से पहले: 8 दिन (26 नवंबर से 3 दिसंबर)।
  2. ब्रिस्बेन के बाद एडिलेड से पहले: 8 दिन (9 से 16 दिसंबर)।
  3. एडिलेड के बाद मेलबर्न से पहले: 4 दिन (22 से 25 दिसंबर), और इनमें क्रिसमस भी शामिल है।
  4. मेलबर्न के बाद सिडनी से पहले: 4 दिन (31 दिसंबर से 3 जनवरी)।

मतलब यह कि जिस टीम की गेंदबाज़ी गहराई कम है, उसे तीसरे टेस्ट के बाद ही असली परीक्षा देनी पड़ती है। यह जानकारी Cricket Australia के घोषित कार्यक्रम से निकाली गई सीधी गणना है। [Internal Link: तेज़ गेंदबाज़ों का वर्कलोड कैसे मापें]

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Australian fast bowler stretching in the outfield nets at dusk while physio staff look on

दिन-रात टेस्ट जैसे खास मामले को शेड्यूल कैसे संभालता है?

शेड्यूल दूसरे टेस्ट को ब्रिस्बेन के गाबा में दिन-रात के रूप में रखता है, यानी गुलाबी गेंद और फ्लडलाइट के नीचे खेल। इसके बाद 8 दिन का अंतराल मिलता है, जो टीमों को सामान्य लाल गेंद की लय में लौटने का समय देता है। गाबा पहले ओपनर नहीं रहा, यह भी बदलाव है।

इस सीरीज़ में पहली बार पर्थ ने शुरुआत की, जबकि परंपरा में ब्रिस्बेन पहला मैदान रहा है। इसका मतलब है कि इंग्लैंड को पहले ही हफ़्ते में पर्थ की तेज़ और उछाल भरी पिच मिली, फिर दो हफ़्ते के भीतर गुलाबी गेंद। मेरा अनुभव कहता है कि दिन-रात टेस्ट में शाम का समय, ओस और रोशनी का बदलाव बल्लेबाज़ी के क्रम से लेकर टॉस के फ़ैसले तक सब कुछ बदल देते हैं। इसीलिए मैं हर टेस्ट को अलग इकाई मानता हूँ, एक ही ढर्रे का मैच नहीं। गाबा के बाद एडिलेड की संतुलित पिच, फिर बॉक्सिंग डे का MCG और अंत में सिडनी का नए साल वाला टेस्ट आता है। हर मैदान की अपनी चाल है, और जो इसे पहले समझ लेता है वह आगे रहता है। [Internal Link: पिंक बॉल टेस्ट की रणनीति]

भारत में बैठे दर्शकों के लिए समय का क्या पेच है?

ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी शहर गर्मियों में भारत से लगभग 5.5 घंटे आगे चलते हैं, इसलिए सुबह के सत्र की शुरुआत भारतीय समय में तड़के होती है। पर्थ सिर्फ़ 2.5 घंटे आगे है। यानी पहला टेस्ट देखना आसान है, जबकि सिडनी और मेलबर्न के टेस्ट सुबह जल्दी उठकर देखने पड़ते हैं।

यह वह बात है जो ज़्यादातर शेड्यूल लेख नहीं बताते। सिडनी और मेलबर्न में गर्मी के दौरान डेलाइट सेविंग लागू रहती है, और स्थानीय सुबह के 10 बजे के आसपास शुरू होने वाला सत्र भारत में लगभग 4:30 बजे सुबह पड़ता है। पर्थ में वही समय भारतीय घड़ी पर लगभग 7:30 बजे बनता है। मैच के सटीक शुरुआती समय के लिए आधिकारिक प्रसारक की सूची देखें, क्योंकि समय बदल भी सकता है। यहाँ मेरी सलाह सीधी है: जो पाठक लाइव मैच के साथ अपनी राय बनाते हैं, उन्हें दिन के खेल का सार सुबह देख लेना चाहिए, न कि आधी नींद में फ़ैसले करने चाहिए। पिच रिपोर्ट पर हम मैच के बाद का सार और खिलाड़ी आँकड़े इसी सोच से रखते हैं। [Internal Link: भारतीय समय में लाइव क्रिकेट कैसे देखें]

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cricket fan checking a live scorecard on a smartphone at dawn with a cup of tea beside a laptop

यह शेड्यूल कहाँ नाकाम होता है?

इसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी यह है कि तारीख़ें चोट, मौसम और धीमी ओवर गति को नहीं गिनतीं। पाँच दिन का टेस्ट बारिश से छोटा हो सकता है, और 4 दिन का अंतराल चोटिल गेंदबाज़ के लिए बहुत कम है। इसलिए सिर्फ़ तारीख़ों पर भरोसा करके अंदाज़ा लगाना जोखिम भरा है।

अब एक ऐसी बात जो भीड़ की राय के उलट है, और मैंने इसे महँगी क़ीमत देकर सीखा है। आम धारणा है कि सीरीज़ का पहला टेस्ट जीतने वाला पक्ष लगभग तय बढ़त पर होता है। पर शेड्यूल दिखाता है कि 8 दिन के पहले दो अंतराल में कमज़ोर टीम सँभल सकती है, जबकि आख़िरी 4-4 दिन के अंतराल गहरी बेंच वाली टीम को फ़ायदा देते हैं। अनुभव से मैं कहता हूँ कि एक टेस्ट का नतीजा देखकर पूरी सीरीज़ पर बड़ा दाँव लगाना ही सबसे आम नुकसान की जड़ है। जो पाठक क्रिकेट पर सट्टा या शर्त के बारे में सोचते हैं, वे यह याद रखें कि अपने इलाक़े का क़ानून देखना ज़रूरी है, उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए, और बजट तय रखना सबसे अहम नियम है। सबसे पहला नियम: जितना खोने की ताब न हो, उतना कभी न लगाएँ। [Internal Link: ज़िम्मेदारी से खेलने के नियम]

क्या आज एशेज 2026 शेड्यूल देखना फ़ायदे का सौदा है?

हाँ, अगर आपका मकसद सीख है। सीरीज़ जनवरी 2026 में पूरी हो चुकी है, पर इसका कार्यक्रम अगली एशेज की तैयारी, आँकड़ों के विश्लेषण और खिलाड़ियों के वर्कलोड को समझने के लिए अब भी सबसे अच्छा नमूना है। सिर्फ़ तारीख़ें रटना बेकार है, उनके पैटर्न पढ़ना काम का है।

तो मेरी सलाह, आपको अपना ग्राहक मानकर कहता हूँ: तीन चीज़ें सहेज लें। पहली, पाँचों मैदानों की पिच का मिज़ाज। दूसरी, आराम के दिनों की वह गिनती जो ऊपर दी है। तीसरी, ऑस्ट्रेलियाई बनाम भारतीय समय की तालिका। इन्हें पास रखने से आप अगली बार किसी भी बड़ी सीरीज़ का शेड्यूल 10 मिनट में पढ़ लेंगे। इंग्लैंड में होने वाली अगली एशेज के लिए आधिकारिक तारीख़ें ECB की वेबसाइट पर देखें, और हमारे पन्नों पर मैच समीक्षा, खिलाड़ी आँकड़े और बल्लेबाज़ी-गेंदबाज़ी रणनीति के विश्लेषण पढ़ते रहें। [Internal Link: अगली एशेज की तैयारी और पूर्वानुमान]

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: एशेज सीरीज़ क्या है?

A: एशेज इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ है। इसका नाम 1882 में Sporting Times के शोक-संदेश से पड़ा, जब इंग्लैंड ओवल में हारा था। परंपरा से यह हर दो साल में बारी-बारी से दोनों देशों में होती है, और इसमें आमतौर पर पाँच टेस्ट खेले जाते हैं। विजेता को छोटी कलश वाली ट्रॉफ़ी प्रतीक रूप में मिलती है।

Q: एशेज 2025-26 के पाँचों टेस्ट कब और कहाँ खेले गए?

A: पाँचों टेस्ट 21 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच हुए। क्रम था: पर्थ (21–25 नवंबर), ब्रिस्बेन (4–8 दिसंबर, दिन-रात), एडिलेड (17–21 दिसंबर), मेलबर्न (26–30 दिसंबर) और सिडनी (4–8 जनवरी)। पर्थ ने पहली बार सीरीज़ की शुरुआत की, जबकि ब्रिस्बेन का गाबा दूसरे टेस्ट की मेज़बानी करता रहा।

Q: एशेज 2026 और एशेज 2025-26 में क्या फ़र्क है?

A: असल में दोनों एक ही सीरीज़ हैं। यह सीज़न 2025 के आख़िर में शुरू हुआ और 2026 की शुरुआत में खत्म हुआ, इसलिए लोग इसे 'एशेज 2026' भी खोजते हैं। ध्यान रहे कि अगली एशेज इंग्लैंड में होनी है, और उसकी तारीख़ें अलग घोषित होंगी, इसलिए अलग-अलग वर्षों के कार्यक्रम आपस में न मिलाएँ।

Q: भारत में एशेज के मैच किस समय शुरू होते हैं?

A: पर्थ में भारतीय समय के अनुसार सुबह लगभग 7:30 बजे और पूर्वी शहरों में लगभग तड़के 4:30 बजे के आसपास। पर्थ भारत से करीब 2.5 घंटे आगे है, जबकि सिडनी और मेलबर्न गर्मियों में करीब 5.5 घंटे आगे रहते हैं। सटीक समय के लिए प्रसारक की लाइव सूची देखें, क्योंकि बारिश या बदलाव से समय खिसक सकता है।

Q: अगर लाइव मैच देखने का समय न मिले तो क्या करें?

A: मैच के बाद का सार और स्कोरकार्ड पढ़ना सबसे कारगर तरीका है। हर दिन के अंत में रिपोर्ट देखने से 10 से 15 मिनट में पूरे दिन की तस्वीर मिल जाती है। इसके लिए आप पिच रिपोर्ट जैसी साइटों पर मैच समीक्षा, खिलाड़ी आँकड़े और रणनीति विश्लेषण पढ़ सकते हैं, और हाइलाइट्स पर भरोसा करने के बजाय स्कोरकार्ड भी देखें।

Q: क्या एशेज शेड्यूल देखना या इस पर जानकारी पढ़ना मुफ़्त है?

A: हाँ, तारीख़ें और मैदानों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइटों पर मुफ़्त है। Cricket Australia और ECB दोनों कार्यक्रम सार्वजनिक रखते हैं। खर्च सिर्फ़ तब आता है जब आप लाइव प्रसारण की सदस्यता या स्टेडियम का टिकट लेते हैं। टिकट और सदस्यता की क़ीमत बदलती रहती है, इसलिए ख़रीदने से पहले आधिकारिक पन्ना ज़रूर जाँच लें।

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